सुपरवाइजर एसोसिएशन मंडला आयुक्त को ज्ञापन देकर की जांच की मांग

  • मानव टुडे | 03 2020
Zeeshan

संजय मौर्य

कानपुर। सुपरवाइजर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश कानपुर नगर ने मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर भ्रष्ट सीडीपीओ को जनपद से हटाकर अनामिका सिंह की जांच अति्शीघ्र कराने की मांग की गई। बाल विकास विभाग में कार्यरत अनामिका सिंह सीडीपीओ शहर द्वितीय के विरुद्ध चल रही जांच में अनावश्यक विलंब को देखते हुए सुपरवाइजर्स एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष मंजू रानी कुशवाहा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंडलआयुक्त कानपुर नगर से मुलाकात कर ज्ञापन दिनांक 15 जून 2020 को सौंपा गया। जिसमें जांच को अनामिका सिंह के द्वारा प्रभावित किए जाने का आरोप लगाया गया । जांच को प्रभावित करने के लिए झूठे गवाह तैयार करने ,अपने पक्ष में तथा शिकायत कर्ताओं के विपक्ष में लिखवाने का कार्य निरंतर श्रीमती अनामिका सिंह के द्वारा किया जा रहा है प्रमुख रूप से ज्ञापन में श्रीमती सिंह का स्थानांतरण कानपुर नगर से हटाकर सुदूर जनपद में किया जाए श्रीमती सिंह के द्वारा अपने पति उमाशंकर तिवारी (अपराधिक पृष्ठभूमि )की शासन प्रशासन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार तथा राजनीति में उचित पहुंचकर रुतबा दिखाकर लंबे समय से भ्रष्टाचार करते हुए डरा धमकाकर अधीनस्थ कर्मचारियों का शोषण और उत्पीड़न किया जा रहा है। उदाहरण भी दिया जा रहा है कि जफर खान जिला कार्यक्रम अधिकारी कानपुर नगर को पीटने के बाद जिला अधिकारी कानपुर नगर के द्वारा मेरे विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई कराने हेतु शासन एवं विभाग को लिखकर तो भेज दिया परंतु आज तक मेरा निलंबन नहीं करा पाए जिला प्रशासन ने ऐसी कोई शक्ति नहीं है जो मेरे विरुद्ध कार्रवाई करा सके। इनके विरुद्ध कोई कड़ी कार्यवाही ना होने के कारण निरंतर श्रीमती सिंह के द्वारा समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में झूठी बयानबाजी कर शासन ,प्रशासन, विभाग एवं उत्तर प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल किया जा रहा है। जिसके फलस्वरूप सभी अधीनस्थ कर्मचारियों में भय व आक्रोश व्याप्त है श्रीमती सिंह एवं इनके पति उमाशंकर तिवारी( जो अपराधिक पृष्ठभूमि के हैं) के द्वारा कभी भी कोई अप्रिय घटना करवाई जा सकती है यदि शिकायत कर्ताओं के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी श्रीमती सिंह एवं उनके पति उमाशंकर तिवारी की होगी। यह भी संज्ञान में आया है कि श्रीमती सिंह के पति उमाशंकर तिवारी पूर्व से ही विवाहित हैं। इनकी पत्नी व दो बच्चे (लगभग 12 से 15 वर्ष) जीवित हैं जोकि मकान नंबर 353 दारागंज इलाहाबाद रह रहे हैं।श्रीमती सिंह के द्वारा अपने पति की अपराधिक गतिविधियों में सहयोग करते हुए परियोजना में तैनात मिथिलेश सिंह ,ललित सक्सेना तथा अरुणा सिंह आदि सुपरवाइजर के नाम धोखाधड़ी वह ठगी के अपराध में थाना गोमती नगर लखनऊ में गवाह के रूप में दर्ज करवाया गया है । पुनःदिनांक 15 जून 2020 के समाचार पत्र दैनिक जागरण जागरण के पेज संख्या 1 तथा 9 पर उनके पति उमाशंकर तिवारी के अपराधिक कार्यों का विवरण वह गिरफ्तारी प्रकाशित हुआ है। सुपरवाइजर्स एसोसिएशन द्वारा मंडल आयुक्त महोदय से यह भी मांग की गई है कि अति शीघ्र श्रीमती सिंह को कानपुर जनपद से हटाकर सुदूर जनपद भेजकर इन के विरुद्ध चल रही जांच की जांच कराई जाए । मंडला आयुक्त सुधीर बोबड़े द्वारा आश्वासन दिया गया की यथाशीघ्र कार्रवाई की जाएगी।


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