पौधारोपण का कारवां अनवरत चलता रहेगा:-डाँ सरिता मौर्य

  • मानव टुडे | 03 2020
Zeeshan

सुजाता मौर्य

चंदौली | विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर समाज सेविका डॉ सरिता मौर्य ने रानेपुर गाँव में पौधारोपण कर अपने पौधारोपण के कारवां को एक कदम और बढ़ाते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन, इन तीन तत्वों के बिना प्रकृति की कल्पना नहीं की जा सकती है। जंगल हैं तो वन्य जीव हैं। जल है तो जलीय जीवों का अस्तित्व है और उससे भी ज्यादा अहम हमारे जीवन का अस्तित्व है। दुनिया में सबसे समृद्ध देश वही हुए हैं, जहां जल, जंगल और जमीन पर्याप्त मात्रा में हों। हमारा देश नदियों, जंगल और वन्य जीवों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। प्रकृति बची रहेगी, तभी जीवन बचेगा। इसी के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से हर साल 28 जुलाई को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया जाता है।वही सविता एसएन वर्मा ने कहा कि प्रकृति ही मानव जीवन का आधार है, पर्यावरण के बिना जीवन असंभव है, इसलिए अधिक से अधिक मात्रा में पेड़ पौधों का रोपण के साथ संरक्षण भी जरूरी है।


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